एक पौराणिक कथा

श्रीखंड महादेव से जुड़ी एक प्रसिद्ध पौराणिक कथा है जो भगवान शिव और राक्षस भस्मासुर से संबंधित है। इस कथा के अनुसार, भस्मासुर नामक एक राक्षस ने भगवान शिव की कठोर तपस्या की और उन्हें प्रसन्न किया। शिवजी ने भस्मासुर को वरदान दिया कि वह जिसके सिर पर हाथ रखेगा, वह भस्म हो जाएगा।

भस्मासुर ने इस वरदान की शक्ति को परखने के लिए खुद भगवान शिव के ऊपर इसका प्रयोग करने का प्रयास किया। इससे भगवान शिव को अपनी जान बचाने के लिए भागना पड़ा। शिवजी भागते-भागते हिमालय के दुर्गम पर्वतों में पहुंचे और श्रीखंड महादेव शिखर पर आकर छिप गए।

भगवान विष्णु ने यह स्थिति देखी और उन्हें शिवजी की मदद करने का उपाय सूझा। विष्णुजी ने मोहिनी का रूप धारण किया, जो अत्यंत सुंदर स्त्री का था। मोहिनी ने भस्मासुर को अपनी सुंदरता से मोहित कर लिया और उसे नृत्य करने के लिए कहा। नृत्य करते हुए मोहिनी ने एक विशेष मुद्रा बनाई और भस्मासुर को भी इसे दोहराने को कहा। भस्मासुर ने मोहिनी के कहे अनुसार अपनी ही सिर पर हाथ रखा, जिससे वह खुद भस्म हो गया।

इस तरह भगवान शिव की जान बच गई, और वे श्रीखंड महादेव शिखर पर अपने स्थान पर पुनः विराजमान हो गए। इसी कारण से यह शिखर भगवान शिव से जुड़ा एक पवित्र स्थल माना जाता है, और इसे महादेव के निवास के रूप में पूजा जाता है।